आमिर ने दिल और छोरियों ने जीते 'दंगल'


हिन्दी सिनेमा में आमिर खान ने जो जगह बनाई है वह चिरकालीन स्मृतियों में रहेगा। कला जगत में उनकी कृतियां बेमिसाल है। दंगल देखकर तो आमिर साहब को उन्ही के अंदाज में 'थ्री इडियट' के चतुर रामालिंगम की तरह सलाम ठोकने को जी करता है- 'जहांपना तुस्सी ग्रेट हो, तौफा कुबूल हो...।' दिलीप कुमार, सुनील दत्त, संजीव कुमार और आमिर खान की तरह जूनूनी अदाकार गर कुछ सोचता है तो समाज को जागृत करने के लिए। उनकी कृतियां भी समाज को सीख देने वाले होती है। कभी देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीति की दशा और दिशा पर फिल्म, तो कभी यहां की साहित्य और संस्कृति को लेकर फिल्मों का निर्माण हुआ। दिलीप साहब, सुनील दत्ता, संजीव कुमार के दौर में ज्यादातर ऐसे ही फिल्मों का चलन था। किन्तु आज इस तरह के सामाजिक मुद्दों को लेकर फिल्म बनाना एक जोखिम भर काम हो गया है। ऐसे जोखिमों का सामना करके सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बड़े पर्दे पर फिल्म लाने का कोई शख्स साहस करता है तो वह नाम है आमिर का। 

फिल्म की चर्चा दंगल के ही एक गीत से शुरू करते है। जिसमें छोरियां अपने बापू को हानिकारक कहती है। शुरूआत में तो ऐसा लगाता है कि बापू वाकई बच्चों पर सितम कर रहे है। पांच बजे उठाकर दौड़ लगवाते है। चुस्दी-दुरूस्ती के लिये पहलवानों वाली खाना परोसा जाता है। गोलगप्पे बंद, आचार बंद, दूध और चिकन-मटन शुरू। बस हर वक्त दंगल-दंगल। बचपन का सत्यानाश। इस फिल्म के लिये हरियाणवी छोरे ने गीत भी बड़ा प्यारा गाया है- 
Haanikaarak Bapu -Full Audio| Dangal | Aamir Khan |Pritam |Amitabh Bhattacharya| Sarwar K|Sartaz
Music - Pritam. Editor - Ballu Saluja. Production company - Walt Disney Pictures, Aamir Khan Productions, UTV Motion Pictures. Distributor - Walt Disney Studios, Motion Pictures. Release dates - 21 December 2016 (USA), 23 December 2016 (India). Running time - 160 minutes. Country - India. Language - Hindi.
औरों पे करम, बच्चों पे सितम।
रे बापू मेरे, ये जुल्म न कर।।
बापू सेहत के लिये... तूतो हानिकारक है।
हम पे थोड़ी दया तो कर हम नन्हे बालक है।।
रे डिसीपिलिन इतना, खुदकुशी के लायक है।
बापू सेहत के लिये, तूतो हानिकारक है...
Dangal (film). Directer - Nitesh Tiwari. Producer - Aamir Khan, Kiran Rao, Siddharth Roy Kapur. Writer  - Nitesh Tiwari, Piyush Gupta, Shreyas Jain, Nikhil Meharotra. Starring - Aamir Khan, Sakshi Tanwar, Fatima Sana Shaikh, Sanya Malhotra, Zaira Wasim, Suhani Bhatnagar. 
जो बाप बेटी पैदा होने के बाद ये सोचते है कि अब उनके सारे सपने टूट गये है, वो आमिर का दंगल देखें। हानिकारक बापू बनकर छोरियों में अपने सारे सपने पूरा करो क्योकि बेटों से कम नहीं बेटियां ये फिल्म में दिखाया गया है। फिल्म कुस्ती लड़ने वाले गांव के पहलवानों के जीवन में बदलाव लायेगा और भविष्य में देश को गोल्ड दिलाने में भी फायदेमंद साबित होगा। अब उन प्रदेशों से भी महिला रेसलर निकल कर आयेंगे जहां कन्या भ्रूण हत्या होता है और पुरूषों के मुकाबले महिलाओं का आकड़ा कम है। आमिर ने दंगल में न सिर्फ कुस्ती पर प्रकाश डाला है बल्कि इस फिल्म के जरियेे उन्होने बेटियों का भी मान बढ़ाया है। जो समाज बेटी को घर के चूल्हे-चौकों में बांधे रखती है उन्हे कुस्ती में जोर अजमाइस कर मर्दो को पटखनी देते देख अब हर बेटी का बाप नाज करेगा अपनी छोरी पर। बापू भी गूरूर से कहता है कि ' मैं अपनी छोरी को इस लायक बनाऊंगा की लड़के वाले इन्हे देखने नहीं बल्कि ये खूद लड़केवालों को देखने जायेगी।' 
फिल्म में एक महत्वकांक्षी पिता ने अपने सपनों को पूरा करने के लिये बच्चों का बचपन कुस्ती भिड़ा दिये। एक बेटी होने के बाद मन में थोड़ी निराशा हुई लेकिन दूसरी बार भी बेटी होने पर रेसलिंग में देश को गोल्ड दिलाने का सपना चूर-चूर हो गया। कुछ दिनों बाद एक दिन अचानक बेटियों के खून की गर्मी देख कर उनका सही इस्तेमाल करने की सूझी और बेटियों को पहलवानी में उतारा। गांव में तरह-तरह की बातें और लोगों के उपहास के बावजूद अपने दम पर देश को गोल्ड दिलाने के जूनूनी पिता के साथ बेटियों ने खूब पसीना बहाया। बाप के उम्मीद को कभी टूटने नहीं दिये। हर दंगल में सबको चित्त करते आखिर देश को गोल्ड दिला ही दिये। तब एक बाप ने कहा- शाबास बेटी। और देश ले करोड़ों बेटियों ने कहा धन्यवाद आमिर साहब।
Dangal - Title Track | Dangal | Aamir Khan | Pritam | Amitabh Bhattacharya| Daler Mehndi | HD Video

हरियाणा के एक पहलवान के जीवन को रेखांकित करते हुये फिल्म की कहानी का ताना-बाना बुना है जिसने न केवल बेटियों का मान बढ़ाया बल्कि कुस्ती का कद भी ऊंचा कर दिया। बहरहाल फिल्म को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाव अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। इसी के साथ ही देश के कई राज्यों ने दंगल को टेक्स फ्री कर दिया है जिसमें छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड भी शामिल है। रिकार्ड तोड़ भीड़ के साथ टाकीजों में अब तक हाऊसफूल शो जारी है। 
Aamir Khan is an Indian actor, director and a producer popular in bollywood. Aamir Khan was seen playing a wrestler in the film Dangal. The film was directed by Nitesh Tiwari and produced by Aamir Khan Productions, Kiran Rao and Siddharth Roy Kapur.

कड़ाके की सर्दी में भी मस्ती का पारा गरम




सताये, रोम-रोम ठिठुराते कड़ाके की सर्दी खूब
सुहाये, रात में अलाव और सबुह की गुनगुनी धूप
सुहाने, ऊनी कपड़ों के भीतर से लेलो मजा जनाब
सुलगते, सिगड़ी में उफनते चाय और गरमा-गरम सूप

कोहरों के गिरफ्त में आ सूरज
दिशा चिनहात न कोन है पूरब
दोपहर ही जानौ अब सबेरा
दिन ढल जात सबही अकारज


नल की टोंटी से झरता ओला
पोखरों ने बदला अपना चोला
पानी की न पूछ अब स्वरूप
वों पल में मासा, पल में तोला


समयचक्र का सुई धीरे-धीरे जाड़े की ओर जा रहा है। कहीं घनघोर कोहरा तो कहीं शीतलहर का आलम, लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दे रहा है। आलमारी से स्वेटर, मफलर और रजाई निकल चुके है। फ्रिजर की जगह गिजर आ गया। मेकअप बाक्स में भी गोल्ड क्रीम ने कब्जा जमा लिया है। लोग अपने-अपने तरीके से सभी बाकी ऋतुओं की तरह शीत का सामने करने को तैयार है। सुबह-सुबह घर पर आने वाले अखबारों को ज्यादा तवज्जों देने की जरूरत नहीं वर्ना ऋतुओं का आनंद नहीं ले पायेंगे। और ऋतुएं भी अपना पूर्ण प्रकोप दिखाये बगैर ही लौट जायेगी। दिल खोल कर शानदार तरीके से शीतकाल का स्वागत करने से वो भी हमें सेहत और तंदूरस्ती से भरपूर चार महीना देके जायेंगे। ठंड और रूखी त्वचा की चिंता छोड़कर सैर सपाटे के मूड में आइये। क्रिसमस डे, स्कूल में शीतकालीन छुट्टी और नव वर्ष का आगाज है ही सोने पे सुहागा ऑफर। अभयारण्य, पार्क, जूं, बाग-बगीचे, ताल-तलैया आदि आपके स्वागत को आतुर बाहे फैलाये खड़े है, तो चलिये प्रकृति के करीब इस कड़ाके की सर्दी में भी मस्ती का पारा गरम करें।


पर्यटन पाइंट-




जो विभिन्न पर्यटक स्थलों का आनंद नहीं ले पाये वे बहानों के पहाड़ बनाने से बाज नहीं आते। कुछ प्राकृतिक आपदाओं और हादसों के डर से बाहर न जा पाया, काम के वयस्तता से समय ही नहीं निकला, बस या ट्रेन का टिकट कंफर्म नहीं हो पाया, माली हालत ठीक नहीं है, परिवारिक उलझनों में फसा रहा इत्यादि कारणों के दरार पर क्रेक क्रीम लगाए और कड़ाके की सर्दी में लजीज व्यंजनों का लुफ्त उठाये। मन में किसी बात का मलाल नहीं होना चाहिए कि हम इस मौसम में कुछ नहीं कर पाये। मौसम के ऊपर दोष भी न मड़े। जीवन में बरसात, सर्दी, बहार और गरमी बूरे योग से नहीं मिलते बहरहाल से भी कुदरत की देन है। तन और मन को मौसम के अनुकूल ढालने में ही जीवन का असली आनंद है। फिरहाल आपके सेहत के लिये शीत ऋतु में परोसे जाने वाले थाली आ आनंद लीजिए।

लजीज व्यंजन- 

गर सौर-सपाटे और लजीज व्यंजनों से भी जी न भरे तो सड़क किनारे खुले आसमान के नीचे ठिठुरते गरीब दीन-हीन लोगों को जी भरके निहारें। अनके पास मौसम की मार सहने के लिये क्या-क्या संसाधन इसकी भी एक सूची बनाये। काम की तलास में घर-द्वार छोड़ कर दूर देश में पलायन कर आये किसी गांव के बेरोजगार युवा को रेल्वे स्टेशन के बेंच में आराम से सोते देखें। फूटपाथ के डस्टबीन में से प्लास्टि की थैली और कचरे से आग चलाकर हाथ सेंकते हमाल और रिक्शचालक। किसी दुकान के बरामदे में सोये कोई मंदबुद्धि इंसान, भिख मांगने वाले गरीब, घर से निकाले गये बुजूर्ग जनों के अंग के कपड़ों को देखें। यदि इतना सब कुछ देखने के बाद यदि कड़ाके की काली रात में भी आपके तन-मन में आग न लगे, आपका जिया न धड़के, आंखे खुली न रह जाये तब तो वाकई ये मौसम क्रूर है। अब और आगे कुछ देखने की जरूरत नहीं सिर्फ अपने आपको हर परिस्थिति से जूझना सिखाये। हर ऋतु आपके अनुकूल होकर आनंद भर देगी जीवन में। 
खुले आसमां तले गुजार दी जिंदगी, कुछ बिरादरी वाले।
हम महलों के भीतर से कोसते रहे, सुख से जीने वाले।।

Recent News
PM’s address to the nation on the eve of New year 2017
PM’s speech at DigiDhan Mela in New Delhi’s Talkatora Stadium
PM expresses sadness over loss of lives in coal mine accident in Jharkhand
PM condoles the demise of former Prime Minister of Sri Lanka Shri Ratnasiri Wickremanayake
Cabinet approves need-based sale of surplus land of four Pharmaceutical PSUs

POPULAR POSTS